21.4.11

प्रदेश के मुखिया माननीय शिवराज सिह जी से अपील : विकास के नाम पर समाप्त किये जा रहे जल संसाधनों को नष्ट होने से रोकने की दिशा में त्वरित पहल करें ...

आज दिनोदिन सारे विश्व में पेयजल का संकट दिनोदिन गहराता जा रहा है और भूमि का जलस्तर निरंतर कम होता जा रहा है जिसके कारण दिनोदिन पानी का संकट गहराता जा रहा है . आज मध्यप्रदेश में भी भूमिगत जलस्तर कम होता जा रहा है और उपलब्ध जल संसाधनों को विकास के नाम पर नष्ट/समाप्त किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप भविष्य में प्रदेश की जनता को जल संकट का सामना करना पड़ेगा .

जबलपुर शहर में कभी ५२ ताल और तलैया हुआ करते थे जो अतिक्रमण के चलते समाप्त हो गए हैं . बर्तमान में जबलपुर में मात्र १०-११ तालाब बचे हैं जिन्हें भविष्य के लिए संरक्षित किया जाना नितांत आवश्यक हो गया है . जबलपुर दमोह रोड माढ़ोताल में एक तालाब है जिसका निर्माण वीरांगना रानी दुर्गावती द्वारा करवाया गया था .

यह तालाब रानी द्वारा अपने सैनिकों को और स्थानीय जनता को पेयजल उपलब्ध करने हेतु बनवाया गया था . चंडालभाटा क्षेत्र में मुग़ल सेनापति आशफ खां और रानी दुर्गावती के सैनिकों के मध्य युद्ध हुआ था . इस द्रष्टि से भी यह क्षेत्र और रानी दुर्गावती द्वारा बनवाया गया माढोताल तालाब ऐतिहासिक हैं .

माढ़ोताल तालाब का लाइव वेब वीडियो कास्ट मेरे द्वारा


देखिये मुख्यमंत्री जी इस तालाब के जीवंत हाल -


इस ऐतिहासिक माढ़ोताल तालाब को संरक्षित करने की बजाय विकास के नाम पर इसे समाप्त किया जा रहा है . यह तालाब जिसे मैं बचपन से देखता आ रहा हूँ इसका काफी विशाल क्षेत्र था और यह करीब सौ एकड़ क्षेत्र में फैला करता था . सड़क के पश्चिमी किनारे तक इस तालाब की लहरे हिलोरे मारा करती थी अब अतिक्रमण और विकास के नाम पर अंतिम सांसे ले रहा है . यहाँ पर शासन और प्रशासन द्वारा अंतर राज्जीय बस स्टैंड बनवाया जा रहा है और करीब आधे से करीब माढ़ोताल तालाब को पुरवा दिया गया हैं और बस स्टैंड का निर्माण कार्य भी प्रारंभ है .

इस तालाब के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर अच्छा रहता था . करीब दस बारह फुट की खुदाई करने पर भूमिगत जल उपलब्ध हो जाता था परन्तु कुछ वर्षों से क्षेत्र के आसपास दिनोदिन भूमिगत जल स्तर कम होता जा रहा है . गरमी के दिनों में १५० फुट से भी नीचे पहुँच जाता है जिसके कारण क्षेत्र की स्थानीय जनता को भीषण जलसंकट का सामना करना पड़ता है ... क्षेत्र में शासन द्वारा जो पानी की व्यवस्थाएं की गई हैं वो अभीतक नकारा साबित हो रही हैं जिनके बलबूते पेयजल की समस्या का निराकरण नहीं किया जा सकता है . मंहगाई के जमाने में आम गरीब जन बोरिंग करवा नहीं पाते हैं और उन्हें पीने के पानी की तलाश में मीलों भटकना पड़ता है . इसी तरह शहर में बचे सूपाताल और महानद्दा तालाब भी अतिक्रमण के चलते समाप्ति की ओर हैं ओर शासन द्वारा इन्हें बचाने ओर संरक्षित करने की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किये जा रहे हैं ओर शहर में शेष बचे खुचे तालाबों को विकास के नाम पर पूरा जा रहा हैं और समाप्त किये जा रहे हैं .

कम से कम विकास की योजनायें बनाते समय शासन और प्रशासन को ध्यान देना चाहिए की विकास के नाम पर उपलब्ध जल संसाधन कुएं और तालाब को नष्ट और समाप्त नहीं किया जाए . इसी परिपेक्ष्य में शहर में स्थित विशाल महानद्दा तालाब को पुरवा कर अतिक्रमण कारियों द्वारा निरंतर कब्ज़ा किया जा रहा है .

शासन और प्रशासन द्वारा इस दिशा में गंभीरतापूर्वक सक्रीय अपेक्षित कार्यवाही नहीं की जा रही है . इस तालाब को अतिक्रमण से रोकने हेतु मध्यप्रदेश मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष पी. जी. नाजपांडे जी द्वारा द्वारा हाई कोर्ट जबलपुर में एक जनहित याचिका दायर की गई हैं .

प्रदेश के मुखिया माननीय शिव राज सिह जी विनम्र अपील हैं की वे जनहित में अधिकारियों को दिशा निर्देश दें की विकास योजनायें तैयार करते समय वे ध्यान दें की विकास योजनाओं की की आड़ में प्रदेश में स्थित जल संसाधन नष्ट न हों और समाप्त न किये जाएँ अन्यथा भविष्य में प्रदेश की जनता को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ेगा और भविष्य में भावी पीढी हमें क्षमा न करेगी . जानकारों ने तो यहाँ तक कह दिया है की भविष्य में पानी की कमी के चलते पानी के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है .

जबलपुर शहर में माढ़ोताल तालाब की जो पुराई की जा रही हैं उसपर तत्काल रोक लगाने का कष्ट करेंगें और आने वाले पेयजल संकंट को ध्यान में रखते हुए शेष बचे तालाब को सुरक्षित और संरक्षित करने की दिशा में कोई ठोस पहल करेंगे .



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13 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय भारतीय नागरिक - Indian सिटिज़न, जी
    त्वरित टीप और हौसला बढ़ाने के लिए आभार ...

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  2. आप की प्रार्थना में समस्त मुख्यमंत्रियों को जोड़ लीजिए क्योंकि सभी राज्यों में यही हाल है :(

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  3. swagat hai.....isi prakaar ki chintaparak rachnaen hi jagriti ka kaam karti hain.....

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  4. एक जरूरी चीज की ओर ध्‍यान दिलाने के लिए आप प्रशंसा के पात्र हैं।

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    भगवान के अवतारों से बचिए...
    जीवन के निचोड़ से बनते हैं फ़लसफे़।

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  5. जल स्तर का निरंतर गिरना चिंता का विषय है । यह हाल सब जगह हो रहा है । जलाशयों को बनाये रखना अत्यंत आवश्यक है । शहरों में तो वाटर हार्वेस्टिंग की बात हो रही है ।

    सार्थक अपील ।

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  6. Jaroori appeal..is aur dhyan diya jana chahiye...

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  7. बहुत सुंदर अपील, वैसे आज भारत के हर कोने मे यही बात सुनाने मे आ रही हे कि भु जल का स्तर नीचे गिर रहा हे,

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  8. I fully agree with you. The problem must be addressed.

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  9. विकास के नाम पर चल रहे प्रकृति के इस विनाश की कीमत हम तो भुगत ही रहे हैं, हमारे बाद हमारी अगली पीढियां न जाने कौनसी स्थितियों से गुजरेंगी ।

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  10. बड़े भैया
    आज की महती आवश्यकता है कि जल संरक्षण के वे समस्त उपाय कार्यरूप में परिणित किए जाएँ जो ज़रा भी लाभदायक हों, इस मुहिम को आयेज बढ़ाने हेतु देश के हर नागरिक को आयेज आना होगा.

    - विजय तिवारी ' किसलय'

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