16.4.09

चिठ्ठी चर्चा : देख तेरे संसार की हालत, क्या हो गई भगवान,कितना बदल गया इन्सान

विगत एक सप्ताह से मै अत्यधिक व्यस्त हूँ और समय न मिलने के कारण मै ब्लॉगर भाई बहिनों की पोस्टो का अच्छे से अवलोकन नहीं कर पा रहा हूँ. चुनाव डियूटी लगने के कारण नेट पर बहुत कम समय दे पा रहा हूँ. मेरे शहर में २३ अप्रेल को चुनाव होने जा रहे है इस राष्ट्रीय महत्त्व के पुनीत कार्य में मै भी अपना योगदान देने जा रहा हूँ तो आने वाले सप्ताह में मै शायद पोस्ट भी न लिख सकूं और ब्लॉगर भाई बहिनों के ब्लागों में कमेंट्स भी न दे पाउँगा जिसका मुझे दुःख रहेगा. आज अच्छे अच्छे चिठ्ठे पढ़ने को मिले जिनका सार संक्षेप में चिठ्ठी चर्चा में उकेर रहा हूँ और नए पुराने ब्लागरो की पोस्ट आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ चूंकि सरकारी आदमी ठहरा इसीलिए चुनावी माहौल में चुनावी चिठ्ठो की चर्चा करना उचित नहीं समझा और न करना भी मेरी बाध्यता है आप स्वयं समझदार है जी....आगे...चलते है....टिक करे....किलिक करे....वाह भाई

**** इस तरह लोगों के गर तू काम आता जाएगा .... शाख के पत्ते में डाक्टर भावना

**** यादों का सागर.....विनय प्रजापति.....गुलाबी कोंपलें विनय जी

**** आखिर नाम बेचने में हर्ज ही क्या है ? ..हथौड़ा में अंशुमाली रस्तोगी जी की अभिव्यक्ति.

**** आईना तोडने से क्या होगा ? कविता - राजीव रंजन प्रसाद जी साहित्य-शिल्पी में

**** कुछ कहना चाहते हैं...प्राची व उसके पार... डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर जी

**** ऑरकुट में खेल निराले मेरे भैया संजीव तिवारी जी सचेत कर रहे है जी

**** शैशव के दिन चोखेर बाली में सुजाता जी

**** कुछ लम्हे..यूं ही दिल को छू जाते हैं ये कुछ पंक्तियां नीरज जी के ब्लॉग से मैंने अपने संग्रह में शामिल की है॥ इन्हें पढ़कर ऐसा लगता है कि कई अहसास ऐसे होते है जो इतने गहरे होते है कि कागज पर आते ही बेहतरीन कृति बन जाते है.. अपनी ज़मी अपना आसमां

**** झाँसी में अ.भा.राष्ट्रभाषा सम्मेलन का आयोजन ...हिन्दी खबरें

**** मौन -**** ओमप्रकाश तिवारी जनपथ में

**** जिन हाथो से तेरे लिए मांगी थी दुआए .....दुनिया मेरी नज़र से राहुल कुंद्रा जी

**** कँघा आरक्षण के लिये ग़ँज़ों की गणना बड़ा बेहुदा शीर्षक है, न ? मुझे भी लग रहा है, पर समय के पैंतरेबाजी के आगे सभी नतमस्तक.. तो मैं भी नतमस्तक !

हालाँकि ऎसे समय लोकतंत्र के हज़्ज़ाम सबसे ज़्यादा नतमस्तक हैं !कुछ तो है.....जो कि डा.अमर कुमार जी बता रहे है


**** नहीं घुटने टेकते कभी वीर....जयंत चौधरी जी.

**** गूगल ने हमारे बच्चों पर निगाह रखी और घर पहुंचने में मदद की
जब उत्तर भारत की यात्रा पर गए हमारे सुपत्र गुरुप्रीत, द्विवेदी जी के सुपुत्र वैभव और अन्य मित्रों के साथ, जयपुर के पास स्थित भारत के सबसे डरावने स्थल के नाम से मशहूर भांगड़ के खंडहरों में गहराते अंधेरे के भीच भटक गए तो काफी समय तक स्वयं कोशिश करते .....ज़िंदगी के मेले में बी एस पाबला जी

**** परिचयनामा श्री संजय बैंगाणी - रामपुरिया का हरयाणवी ताऊनामा में ताऊ रामपुरिया जी की कलम से

**** खुदा इस खामोशी की वजह क्या है ...इस दुआ वाली

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति में अनिल कान्त जी

**** परिकल्पना में गरीबों की सुनो मगर गरीबी महसूस न करो ......भाई रवीन्द्र प्रभात जी

**** क्‍या आपको पता है खुशियों का विज्ञान....तसलीम में

**** शताब्दी के सम्पादक कवि लेखक पत्रकार और देश के जाने माने लेखक साहित्यकार श्री ओंकार ठाकुर ७५ के हुए . जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामना और बधाई . दादा शतायु हो और हमें निरंतर उनका साहित्य पढ़ने को मिलता रहे .


फोटो (बाएँ से दाये) - भाई ताम्रकार जी, महेन्द्र मिश्र, दादा औकार ठाकुर जी, द्वारा गुप्त जी, भाई विजय तिवारी जी, भाई यादव जी.
कल मै स्वयं दादा ठाकुर के जन्मोत्सव आयोजन में शामिल हुआ और इस उम्र में भी उनकी साहित्य साधना और लेखन के गहरी रूचि और लिखने का हौसला सभी को अत्यधिक प्रभावित करता है . हिन्दी साहित्य संगम में भाई विजय तिवारी जी.


**** उड़न तश्तरी

देख तेरे संसार की हालत, क्या हो गई भगवान,
कितना बदल गया इन्सान
!!

यूँ बन गई गज़ल ...समीर जी

22 टिप्‍पणियां:

  1. बेनामी16/4/09 8:54 pm

    सारे शानदार ब्लॉग समेट लिए आपने तो अपनी चर्चा में, धन्यवाद.

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  2. हमारा ब्लॉग शामिल करने के लिए धन्यवाद चर्चा अच्छी लगी...

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  3. एक दो पोस्ट जो पढने को रह गए थे आपकी इस चर्चा से मिल गए ...बहुत ही अच्छी चर्चा

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  4. हां जी आपने सही कहा. सरकारी नौकरी की भी कुछ बाध्यताएं और नियम होते हैं. आप पहले ड्युटी निभाईये फ़िर इतमिनान से आपके द्वारा लिखी गई जादुई अंदाज की चर्चा पढने को मिलती रहेगी.

    आज की चर्चा भी लाअजवाब रही.

    रामराम.

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  5. शानदार चर्चा, हमारी पोस्‍ट भी समूह पर कल सुबह आयेगी।

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  6. बढ़िया चर्चा. उम्दा प्रयास!!!

    जारी रहिये-शुभकामनाऐं.

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  7. sahab aapne hamein apane chitthe se charchit kiya, iske liye bahut-2 dhanyawaad!

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  8. Mishraji
    bahut sari jankari mil gayi aap ke blog par. badhai.

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  9. बहुत ही अच्छी चर्चा, धन्यवाद ,शुभकामनाऐं!

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  10. bahut hee saraltaa see badee pyaree chitthi charchaa karte hain aap mahender bhai, yun hee chaltee rahe ye charcha

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  11. अच्छी चर्चा .
    पावन पुनीत कार्य में योगदान करना बहुत अच्छा है , सब शुभ मंगल हो !!

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  12. बहुत ही अच्छी चर्चा, धन्यवाद

    regards

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  13. बहुत अच्छा काम कर रहे हैं आप, इस चर्चा आयोजन के लिए बधाई।
    ----------
    जादू की छड़ी चाहिए?
    नाज्का रेखाएँ कौन सी बला हैं?

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  14. तो आपने भी ये मेहनत का काम जि‍म्‍मे ले लि‍या। शुभकामनाऍं।

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  15. आपकी चिट्ठा चर्चा और उसका तरीका मजेदार है ...........जानकारी भी मिल जाती है और आनंद भी आ जाता है

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  16. चर्चा बढिया रही.....इसी बहाने कुछ अच्छी पोस्ट पढने को मिल गई..धन्यवाद

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  17. चुनाव की नाव की सैर करके आएं
    और पानी से भी बच जाएं
    तो ओकर के चुनावी बेपानी के
    किस्‍से हमें बतलाएं।

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  18. महेंद्र जी,

    कोटि कोटि धन्यवाद की आपने इस लायक समझा.
    आपका प्रयास सुन्दर है और हम इसके सफल होने की प्रार्थना करते हैं.
    मैंने भी बचपन का बहुत समय जबलपुर में बिताया है....
    आपके परिचय में जान कर कई यादें ताजा हो गयीं.
    आपका उद्देश्य हिंदी के बारे में बहुत प्रशंशनीय है.

    मिलते रहियेगा...

    ~जयंत चौधरी

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  19. समयाभाव के बावज़ूद भी अपने कार्य में आप तत्पर हैं,
    ऎसे ही उर्ज़ावान बनें रहें । धन्यवाद !

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आपका ब्लॉग समयचक्र में हार्दिक स्वागत है आपकी अभिव्यक्ति से मेरा मनोबल बढ़ता है .