3.4.09

चिठ्ठी चर्चा : माता तेरे रुप हजार तू ही करती बेङा पार

आज तीन दिनों की व्यस्तता के पश्चात आज थोडा समय मिला तो सोचा की क्यों न एक छोटी सी चिठ्ठी लिख दी जाये इसी क्रम में बेहतरीन कविता. गजले और सटीक पोस्ट पढ़ने को मिली जोकि आप सभी के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ . नवरात्र पर्व के अवसर पर सारे देश में उत्साह उमग और धार्मिक भावनाए उमड़ पड़ती है . मेरे शहर जबलपुर में नवरात्र का पर्व भारी धूमधाम से मनाया जा रहा है और ऐसा प्रतीत होता है की सम्पूर्ण वातावरण देवीमय और राममय हो गया है . आप सभी ब्लॉगर भाइओ को नवरात्र पर्व की हार्दिक शुभकामना....

** माता तेरे रुप हजार तू ही करती बेङा पार..मेरा सागर में...प्रीती बङथ्वाल जी "तारिका" नवरात्र पर्व पर धार्मिक भावना को उकेरती प्रस्तुति.

** आदमी और नेता में क्या अंतर है ? "आदमी और नेता में दस अंतर" परिकल्पना में बता रहे है रवीन्द्र प्रभात जी

** करुनानिधान की कृपा से
वृक्षों पे नव किसलय निकले
कहकहे कुसुमो ने इस कोशल से लगाये
कर्तव्य पथ से डटे रहे
एक कविता-आमंत्रित कवियत्री सुरभि की प्रस्तुति हिन्दी साहित्य मंच में

** ताऊ जी सुना रहे है. रामप्यारी की बकबक रामपुरिया का हरयाणवी ताऊनामा में

** सरकारी नौकरी महात्म्य मानसिक हलचल में श्रीमती रीता पाण्डेय का उक्त धर्मनिष्ठ महिला के विषय में पोस्ट स्क्रिप्ट - पुछल्ला: ज्ञानदत्त जी पांडे की की प्रस्तुति

** और अब पौधों का अस्‍पताल रोचक प्रस्तुति : अर्शिया अली जी द्वारा तस्लीम में

** कन्नूर या केन्नानोर (केरल) के बारे में ऐतिहासिक सचित्र जानकारी मल्हार में

** रात गमगीन रही
दिल वीरान रहा
"अश्कों का दीया" सीमा गुप्ता जी की कलम से कुछ लम्हे में

** यादो के झरोखे से हॉस्टल एक बार फ़िर
जीवन का एक बड़ा वक़्त हॉस्टल मे गुजरा है और रह रह कर बात बेबात कितने तो लोग याद आते है.. होस्ट्लर्स हमेशा घर के लिए और घरवाले हॉस्टल की तरफ़ बड़ी हसरत से देखते है स्वप्नदर्शी में योगेश जी

** बस यूँ ही नहीं में विभा रानी जी कह रही है और बता रही है सत्य बोलो,प्रिय बोलो

** कोई कोयल गाये रे पिंजरे के पंछी रे.... तेरा दरद न जाने कोई ....तेरा दरद , ना जाने कोई ..." क्या आप पिंजरे में बंद पंछी को देखना पसंद करते हैं ? या उन्मुक्त , गगन में उड़ते हुए पंछी आपको पसंद हैं ? सुंदर पंछी, कितने ही रंगबिरंगी, मन को लुभाते हैं ..सोचती हूँ , ना ....लावण्यम्`~ अन्तर्मन् जी सचित्र अभिव्यक्ति.

** रुन-झुन बाजे ललन पग पैजनियाँ-शुभा मुद्गल मानस मे गोस्वामी जी कहते - भगवान श्री राम के जन्म से पूर्व नवमी तिथि पर समस्त जगत में शुभ शगुन होने लगे....वातावरण फूलों की महक से भर गया...शीतल-मंद बयार बहने लगी सभी प्राणियो के व्यवहार में स्वतः ही प्रेम व करूणा के भाव उपजने लगेपारुल जी

** गीत गाओ प्रीत के,पर देश को भूलो नहीं......प्राची के पार

** उफ़,प्रकृति तुम कभी कुछ कहती भी तो नहीं कभी भी कभी भी में भाई अजय कुमार झा जी की रचना

**मुझे शिकायत है में सिलसिला नारी भाई राज भाटिया जी देखिये राज जी की क्या शिकायत है.

** अर्श जी - मेरा घर खुश्बुओं का घर होगा ...

** वाह भोजपुरी...वाह सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी जी का भोजपुरी के तारतम्य में जानकारीपूर्ण आलेख .....सत्यार्थ मित्र में

** तेरा आना.....कुछ मेरी कलम से...पर रंजना [रंजू भाटिया]जी

** एक जजमान ने सत्यनारायण कथा कराई, उसके बाद पंडित जी को भोजन ग्रहण करने के लिए कहा . पंडित जी ने खाना शुरू किया और देखते- देखते जब रसोई में खाना लगभग आधा हो गया.....बस भर गई आलोक... पर आलोक सिंह जी.

** आप सबने बाथरूम सिंगर शब्द ज़रूर सुना होगा। कई तो होंगे भी। बाथरूम में गाना अत्यंत सुरक्षित माना जाता है... न पड़ोसियों की शिकायत, न पत्नी की फटकार का डर.......
बाथरूम के साहित्यकार गुस्ताख़... पर गुस्ताख़ जी बता रहे है अन्दर की बात चलिए बात बाथरूम में सुने

**प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा समय की मांग हमारा स्वर्णिम हिन्दी साहित्य..पर दीपेश जी

**वैज्ञानिक करें सिक्‍यूरिटी गार्ड का काम, तो कैसे हो कृषि अनुसंधान !
दुखद है यह ..पर सोचने का विषय भी है ..बहुत सी बाते हैं जो इस केस में विचारणीय है तब तो देश २१वी सदी में विकास की धारा में शामिल होने की कल्पना करना दूर की गोटी ही साबित होगा. विचारणीय और दुखद..खेती-बाड़ी.पर "रंजना [रंजू भाटिया]"जी

** ठोकतंत्र
भाई साहब जेल में भौजी लड़ें चुनाव,
जनता देखे बैठ के राजनीति के दावं
लोकतंत्र में ठोकतंत्र की चले दुहाई,
बैठ जेल में भी बंपर जीतेंगे भाई
-
ओमप्रकाश तिवारी


** रामायण क्विज...आज राम नवमी है, भगवान राम का जन्मदिन... राम की जीवन कथा रामायण के बारे में आप कितनी जानकारी रखते हैं, इस रामयण क्विज में भाग लेकर पता लगाइए....जयहिंदी में बालसुब्रमण्यम जी.

** भये प्रगट कृपाला ..... CAVS संचार में मयंक जी

**अजनबी हो जाने का खौफ
बदनाम हो जाने से ज्यादा खौफनाक है
अकेले हो जाने का खौफ
भीड़ में खो जाने से ज्यादा खौफनाक है

राह से गुजरते हुए अरे बिरादर में जितेन्द़ भगत जी

** जालिम जमाने ने मुहब्बत के मायने बदल दिए
रविरतलामी का हिंदी ब्लॉग में सही फरमा रहे है भाई रविरतलामी जी

* फिर से आएँगे खुशहाल लमहे दिनेशराय द्विवेदी अनवरत में

अंत में - सम्बन्ध और समयचक्र यही तो जीवन है

हरदम बदलती निगाहों पे पहरा दे रहा हूँ
न जाने कब कैसे इनकी फिजां बदल जाए.


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17 टिप्‍पणियां:

  1. मिश्राजी अत्यंत सार्थक चर्चा की आपने. बहुत बधाई और शुभकामनाएं रामनवमी की.

    रामराम.

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  2. रामनवमी पर आप को हार्दिक शुभकामनायें .

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  3. चर्चा के लिए धन्‍यवाद। ब्‍लॉगलेखों को पढ़ने के लिए लोग समय नहीं निकाल पाते, आप चर्चा का अलख जगाए हुए हैं, यह महत्‍वपूर्ण है।

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  4. बहुत बढ़िया चर्चा । कई पोस्ट तो पहले पढ़ चके बाकी आपने प्रस्तुत कर दी । राम नवमी की बधाई आपको ।

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  5. बहुत बधाई और शुभकामनाएं रामनवमी की.शुक्रिया अच्छी लगी आपके द्वारा की गयी यह चर्चा

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  6. बहुत मेहनत की आपने ... रामनवमी पर शुभकामनाएं।

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  7. हमारे ब्लॉग को चर्चा में लेने के लिए ह्रदय से आभार. रामनवमी पर शुभकामनायें.

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  8. माता की चर्चा सुनकर
    मन माता माता हो गया।
    राम राम सबको प्रणाम।

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  9. aapke blog par aakar mahsoos hota hai .aap apne liye kam doosaron ki khushi ke liye blog likhte hain.
    bahut achchhi lagi aapki soch. dil se badhaai.

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  10. प्रेम जी
    नमस्ते
    मेरा उद्देश्य है कि हिंदी भाषा का सारे विश्व में प्रचार प्रसार हो और सुधिजन हिंदी ब्लॉग जगत के नए पुराने हस्ताक्षरों से परिचित हो सके और मै यह कार्य निस्वार्थ भावना के साथ संपादित करना चाहता हूँ . आपकी टीप से मेरा मानसिक मनोबल और बाधा है . टीप प्रस्तुति के लिए आपका तहेदिल से आभारी हूँ . आभार .

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  11. जय माता दी !
    राम नवमी सभी के लिये शुभ हो !
    प्रदीप जी के गीत के सँग " कोई कोयल गाये रे " को चिठ्ठा चर्चा पर देखकर प्रसन्नाता हुई -
    आपने बहुत मेहनत की -
    आभार इस post को अन्य साथियोँ तक पहुँचाने का -
    - लावण्या

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  12. चर्चा तो आप अच्छी करते ही है । अभी सब तो नही पर कुछ पढने जा रहे है ।
    और हाँ रामनवमी की शुभकामनाएं ।

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  13. बहुत बढ़िया सार्थक चर्चा
    जय माता दी"

    Regards

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  14. महेंद्र जी आप तो ब्लोगेन्द्र जी भी हैं,

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आपका ब्लॉग समयचक्र में हार्दिक स्वागत है आपकी अभिव्यक्ति से मेरा मनोबल बढ़ता है .