18.12.16

हमारे देश को वेनेजुएला सरकार की नोटबंदी में विफलता से सबक लेना चाहिए ...

हमारे देश भारत के बाद वेनेजुएला सरकार ने कालाधन और मंहगाई से निपटने के लिए 12 दिसम्बर 2016 से तत्काल प्रभाव से नोटबंदी का फैसला लेते हुये वहां की अर्थव्यवस्था में प्रचलित मुद्रा 100 बोलिवर को प्रतिबंधित कर उसकी जगह वहां की सरकार ने 500, 2000 और 20,000 बोलिवर की नई करेंसी जारी की थी और वहां के लोगों को पुरानी मुद्रा को नई करेंसी में बदलने के लिए मात्र 72 घंटे का समय दिया गया था और वहां के लोगबाग नोटबंदी के कारण पुरानी मुद्रा को बदलने के लिए एक हफ्ते तक बैंकों की लाईन में लगे और उन्हें नई करेंसी प्राप्त नहीं हुईं जिसके कारण वहां अफरातफरी का माहौल बन गया और वहां के लोगों ने मुद्रा न मिलने के कारण हजारों दुकानों को लूट लिया और सरकार के विरुद्ध भारी प्रदर्शन किये गये और वहां की सरकार को विवश होकर नोटबंदी के आदेश को वापिस लेना पड़ा और उस देश में नोटबंदी विफल हो गई है । नोटबंदी विफल होने का कारण नई करेंसी की सुस्त सप्लाई बताई जा रही है ।

वेनेजुएला सरकार की नोटबंदी में विफलता से हमारे देश की सरकार को सीख लेना चाहिए । हमारे देश में एक अरब पच्चीस करोड़ की जनसंख्या है और देश में नोटबंदी के 40 दिनों के बाद हकीकत यह है कि नई करेंसी आज भी आम जनता के बीच नहीं पहुँच पा रही है और भारी तादाद में रिजर्व बैंक और बैंकों की मिलीभगत से नई करेंसी कालाधन इकठ्ठा करने वालों के पास, बड़े बड़े व्यापारियों के पास, हवाला व्यापारियों के पास और कमीशन पर नोट बदलने वालों के पास पकड़ी जा रही है जिससे आम जनता को राहत नहीं मिल पा रही है और जनता दिनोंदिन परेशान होती जा रही है ।

सरकार को चाहिए कि अधिकाधिक नई करेंसी आम जनता को उपलब्ध कराई जाये जिससे देश में वेनेजुएला की तरह अफरातफरी का माहौल निर्मित न हो और देश में शांति का माहौल बना रहे । कैशलेस डिजिटल पेमेंट योजना का दिल से स्वागत है जिस तरह से जनता से पुरानी करेंसी जल्दबाजी में जमा करवाई गई है उतनी ही देश की जनता को जल्दी से जल्दी नई करेंसी उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है जिससे देश की जनता को कठिनाई का सामना न करना पड़े और देश की अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे ।

महेन्द्र मिश्र, जबलपुर ...

1 टिप्पणी:

Digamber Naswa ने कहा…

सहमत ... और शायद प्रयास हो भी रहे हैं ..