27.6.16

गबरु का मोबाईल सेल्फी सुख ...


एक गांव में गवरु नाम का कम पढ़ा लिखा एक नवयुवक रहता था ।  एक बार किसी काम से शहर गया था तो शहर के लड़कों ने उसे मोबाईल  का चस्का लगा दिया । गबरु घर की खेतीबाड़ी का कामधाम छोड़कर मोबाईल से दिनरात खेलता रहता था ।

 किसी ने उसके मोबाईल में एक सोशल साइड  की एप्लिकेशन अपलोड कर दी और उसे फोटो अपलोड करना और सेल्फी फोटो लेना सिखा दिया फिर क्या था गबरु जैसे पागल सा हो गया था ।  वह जहाँ भी जाता तो एक दो ठो फोटो खींचता था । कभी सड़क पर तो कभी रेलवे की पटरियों में खड़ा होकर तो कभी नदी नालों के किनारे फोटो खींचता और मन ही मन अपनी फोटो देख कर खूब खुश होता कि मैं जब इन फोटो को सोशल साइड में डालूंगा तो खूब लाइक कमेंट्स मिलेगें और मैं सारी दुनिया में छा जाऊंगा ।

एक दिन गाँव की मलकाईन जाति की ठकुराइन बीच बाजार में लाला की दुकान में खड़ी थी  वह बहुत सुँदर थी जिसे देख कर लोगबाग हैरत में अपने दांतों तले अपनी उंगलियां चबा डालते थे।  गबरु ने ठकुराइन को देखा तो बस उसे देखता रह गया तुरंत उसके मन में आया कि ठकुराइन के किनारे में जाकर बस एक सेल्फी ले लूँ तो खूब वाहवाही मिलेगी और लोगबाग गबरु की खूब तारीफ करेगें और उसकी जोरदार पीठ ठोकेंगे । बस फिर क्या था गबरु लाला की दुकान दौड़कर पहुँच गया और मलकाईन के बाजू में खड़े होकर अपना मोबाईल लेकर अपना हाथ मलकाईन के चेहरे के सामने किया तो उसी समय किसी ने पीछे से गबरु के पिछवाड़े में जोरदार ठोकर मारी जिससे गबरु गिर गया फिर कुछ लोग लट्ठ लेकर उसके ऊपर टूट पड़े जिससे गबरु बेहोश हो गया ।

होश आने पर गबरु ने खुद को हॉस्पिटल में पड़े देखा और उसके हाथ पाँव और कमर में प्लास्टर चढ़ा था । गबरू जिस पलंग में  लेटा था उसके सामने एक स्टैंड रखा था जिसमें ग्लुकोस की बोतल लटकी थी जिससे गबरू को सीरिंज के द्वारा ग्लुकोस दी जा रही थी । ग्लुकोस की बोतल देख कर गबरू को लगा कि मोबाईल से उसकी इस दशा में  सेल्फी खींची जा रही है वह जोर जोर से दर्द से चींखने चिल्लाने लगा कि मेरी सेल्फी मत लो इसी सेल्फी की वजह से मेरी यह दुर्दशा हो गई है और वह जोर जोर से रोने लगा कि मलकाईन के साथ सेल्फी न लेता तो इतनी प्रसिद्धि उसे  सोशल मीडिया साइड में  न मिलती जितनी उसे अभी मिल रही है ।

थोड़ी देर बाद उसके मोबाईल की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस हॉस्पिटल पहुंच गई ओर उसे लाला की दुकान में ठकुराईन से छेड़ छाड़ करने के आरोप में  गिरफ्तार कर कोतवाली ले गई ।

आजकल गबरु जेल की सलाखों के पीछे बैठकर सेल्फी का भरपूर आनंद ले रहा है ...

_महेन्द्र मिश्रा, जबलपुर_

3 टिप्‍पणियां:

Shah Nawaz ने कहा…

:)

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (28-06-2016) को "भूत, वर्तमान और भविष्य" (चर्चा अंक-2386) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

yashoda Agrawal ने कहा…

वाह रे सेल्फी
बन्दर के हाथ मे उस्तुरा दे दिया शहर वालों ने
सादर