8.5.16

" परशुराम जयंती " के अवसर पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएं ...

जय परशुराम : सभी मित्रों स्नेहीजनों शुभचिंतकों को " परशुराम जयंती " के अवसर पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएं ...

ब्रामण महिमा ...



ब्रामण लात हनी, हरी के तन
ब्रामण, साठ हजार को जारे ।
ब्रामण पैठि पाताल, छले बलि
ब्रामण ही, क्षत्रिय दल मारे ।
ब्रामण शोख, समुद्र लियो
ब्रामण ही यदुवंश, उजारे ।
ब्रामण जन से बैर करे तो
ब्रामण से, परमेश्वर हारे ।

लेखक कवि - डॉ आचार्य भृगुनंदन
( शारदा प्रसाद जी भार्गव )
बुरहानपुर एमपी .

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (09-05-2016) को "सब कुछ उसी माँ का" (चर्चा अंक-2337) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'