6.5.16

दूध माफियों पर लगाम कसने के लिए जबलपुर कलेक्टर की भूमिका सराहनीय ...


मध्यप्रदेश में जबलपुर शहर में इन दिनों दूध के रेट अन्य शहरों की तुलना में सबसे अधिक है जिससे शहर के वाशिंदे अत्याधिक त्रस्त हो गए हैं .  इस शहर में दो तीन माहों में दूध माफिया दूध के रेट सीनाजोरी के बल पर बढ़ा देते हैं और राजनीतिक संरक्षण  के चलते आयेदिन शासन और प्रशासन को खुली चुनौती देते रहते हैं .  इस समय शहर में दूध के रेट 48/- से 5o/- के बीच चल रहे हैं और दूध विक्रेता दूध के रेट और बढ़ाने की बात को लेकर आन्दोलन की बात कर रहे हैं . भीषण मंहगाई के समय में दूध के मूल्य बार बार बढ़ाना न्योयोचित नहीं है .
एक रपट में मैंने पढ़ा है कि  हमारे देश में गरीब ग्रामीण परिवार 35 /- रुपये प्रतिदिन और शहरों में गरीब परिवार 65 /- रुपये प्रतिदिन में भीषण मंहगाई के ज़माने में बामुश्किल अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं .  इतनी कम आय में इस ज़माने में परिवार चलाना बहुत ही मुश्किल है .  हमारे देश में अभी भी गरीब जन बहुत अधिक है .

कई गरीब अल्प आय वाले परिवार आज के समय में अपने बच्चों को मंहगा दूध पिला सकने की स्थिति में नहीं हैं  जिससे बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा हैं और बच्चे कमजोर और बीमार हो रहे हैं .  इस शहर में दूध माफिया सर्वाधिक फायदा उठा रहे हैं .  जो दूधिया दो साल पहले साईकिल पर दूध बांटता था आज वह फॉर व्हीलर में दूध बाँट रहा हैं ऐसे कई दूध विक्रेता इस शहर में देखे जा सकते हैं ..  यदि आपने 50 /- में एक लीटर दूध खरीद भी लिया है तो उसकी यह गांरटी नहीं है कि  वह १०० प्रतिशत शुद्ध हो और ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के उपयोग से उत्पादित दूध हो और उसमें २० से २५ प्रतिशत तक पानी मिला हो .

इस समय जबलपुर शहर के मुखिया श्री चौधरी साहब जी नेतृत्व में इन दूध माफियों के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया जा रहा है .  डेयरियों की प्रशासन के द्वारा जोरदार नाकाबंदी की जा रही है .  प्रतिदिन दूध विक्रेताओं से दूध के सेम्पल लिए जा रहे हैं और भारी तादाद में मिलावटी दूध भी पकड़ा जा रहा है .  कई समाजसेवी संस्थाओं द्वारा शासन और प्रशासन को दूध के मूल्यों में कमी करने हेतु ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं और दूध 45/- लीटर उपलब्ध कराने हेतु मांग की जा रही है .

इस समय जिला प्रशासन द्वारा दूध माफियों के खिलाफ नाकाबंदी की गई है उससे शहर में दूध की सप्लाई में भारी कमी आ गई है और दूध विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति मच गई है .  कई दूध विक्रेता अब 50/- रुपये लीटर दूध बेचने की बात भी करने लगे हैं .  जबलपुर में बड़े दूध संचालकों के द्वारा दूध वेंडरों को कम  रेट पर दूध दिया जाता है और दूध के दाम बढ़ाने में इनकी और शहर के राजनीतिक नेताओं की भूमिका संदिग्घ है  ...  प्रशासन और शासन को इनके ऊपर कठोर कार्यवाही करना चाहिए  ...

जिला प्रशासन द्वारा इन दूध माफियों के खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है उससे आम नागरिक भी खुश हैं और जिला प्रशासन को इस हेतु साधुवाद दे रहे हैं .  दूध माफियों के खिलाफ इस तरह के अभियान बिना राजनीतिक दबाब के लगातार चलाये जाने की नितांत जरुरत हैं जिससे गरीब आम नागरिक को भी दूध सुगमता के साथ उपलब्ध हो सकें और नन्हें मुन्ने से उनके मुंह से दूध का निवाला न छिन सकें .

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1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (07-05-2016) को "शनिवार की चर्चा" (चर्चा अंक-2335) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'