24.4.12

कृपा है तो बिना पतवार के भी नाव चलने लगती है ....

टी.व्ही.चैनल वाले भी अब बरस रही कृपा का विरोध नहीं कर रहे हैं और बाबाजी को फिर से खूब दिखाने लगे हैं अभी ये टी.व्ही. चैनल वाले बाबाजी और उनकी कृपा का खूब खुलकर विरोध कर रहे थे . न जाने इन चैनल वालों पर अब किसकी कैसी कृपा हो गई है .... यह सोचते सोचते मैं गहरी नींद में खो गया और स्वप्न देख रहा था .

आजकल माता की पिता की दादा की दादी नाना नानी की बुजुर्गों के साथ साथ आजकल घर पड़ोस कार्यालय सभी जगहों के लोगों की कृपा प्राप्त होती रहे... ऐसी चाहत सबकी होती है . आजकल कृपा की अहमियत काफी बढ़ गई है यदि किसी की कृपा नहीं है तो समझिये बंटाझार सुनिश्चित है .

जो कृपा प्राप्त नहीं सकते हैं उन्हें आजकल पैसे देकर कृपा खरीदना पड़ रही है . बड़े बड़े सजे बाबाओं के दरबार में लोग बाग़ रुपये पैसे देकर कृपा खरीदने जा रहे हैं . कृपा पाने के बदले में खूब रुपये पैसे बाबाओं को अर्पित कर रहे हैं .

कृपा से सम्बंधित मैंने एक भजन भी सुना . हर बाबाओं के दरबार में आजकल खूब गाया जा रहा है . यदि कृपा हो तो बिना पतवार के भी नाव चलने लगती है . यदि उनकी कृपा हुई तो बिना काम करे ही आदमी के सारे काम होने लगते है और ऐसे आदमियों को देखकर जमाना हैरान हो जाता है की बिना काम किये हुए इसके सारे काम हो रहे हैं . है न अदभुत कृपा वाली बात . ऐसी कृपा तो बस निठल्लों को प्राप्त होती है .

कृपा का अच्छा खासा धंधा देख कर कई लोगों ने इसे रुपये कमाने के औजार के रूप में अपना लिया है . खूब कृपा बांटो और खूब रुपये पैसे कमाओ भलाई अंत में भक्त को कुछ भी हासिल न हो पर आप तो कमाई कर लोगे .

मेरे घर के सामने सड़क से आजकल कृपा बेचने वाले खूब निकलने लगे हैं . जोर जोर से आवाज लगाते है की कृपा खरीद लो कृपा खरीद लो . थोक में कृपा किफायती मूल्य में उपलब्ध कराई जाती है और होम शांप से खरीदने हेतु ओंन लाइन संपर्क करें कृपा घर बैठे पहुंचा दी जायेगी .

हमारे देश में एक अरब से ऊपर की आबादी हो गई है इस हिसाब से कृपा खरीदने वालों की संख्या करोड़ों में पहुँच गई है . मैं भी सब देख कर सोच रहा था की क्यों न मैं भी एक कृपा की दूकान खोल लूं घर बैठे कुछ तो कमाई हो जावेगी . इतने में घर का गेट खटखटाने की जोरदार आवाज आई तो मैंने बाहर निकल कर देख तो बाहर एक कृपा बेचने वाला सेल्स मैंन खड़ा था .

वह बोला की मैं कृपा होम शांप से आया हूँ कृपया थोड़ी सी कृपा खरीद लें . आपको यह सुविधा दी जाती है की आप डिलेवरी लेने के दो माह बाद इसका भुगतान कर सकते हैं . वैसे ही कृपा खरीद खरीद कर मेरी जेबें ढीली पड़ गई थी . रुपये पैसे देने की बात पर मैं बहुत जोर से चिल्लाया - नहीं खरीदना हैं मुझे कृपा .... और मेरी नींद खुल गई .

महेन्द्र मिश्र जबलपुर .

14 टिप्‍पणियां:

डॉ टी एस दराल ने कहा…

हा हा हा ! बढ़िया व्यंग लिखा है ।
कृपा बनी रहे , सब इसी चक्कर में हैं ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत आनन्ददायक और सार्थक प्रस्तुति!

Dr. Ayaz Ahmad ने कहा…

Nice post.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

पैसा देकर कृपा मिलती हो तो पहले किसी धन्ना सेठ की पूजा की जाये।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

Bahut Badhiya....

sangita ने कहा…

shandar vyangya hae .bdhai.

ZEAL ने कहा…

" Kripa-business' is the most popular biz.

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

लूट मची दरबार में, लूट सके तो लूट
कृपा खरीदो आज ही, बीस फीसदी छूट.

चेक, ड्राफ्ट ,नकदी चले,क्रेडिट-डेबिट कार्ड
अधिक दाम पेइंग मिले,सस्ते जनरल वार्ड.

बिन पतवार के नाव चले, बिन पेट्रोल के कार
जबतक 'फूल'हैं चमन में,क्यों मुरझाये 'हार'

बहुत खूब, बधाई स्वीकार करें...

मनोज कुमार ने कहा…

आजकल मैं भी कृपा के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहा हूं, कि ऊपर वाले की कुछ कृपा हो जाए।

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

आदरणीय मनोज जी,
सादर अभिवादन
सच है बस (ईश्वर) ऊपर वाले की कृपा होना चाहिए ...आभार

Arvind Mishra ने कहा…

अजी वे किरिपा का भरपूर लाभ उठा रहे हैं :)

पंछी ने कहा…

bahut badiya lekh...kripa ki jarurat to hame bhi hai par nakli vali nahi asli vali ...:)

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

bahut sundar aalekh ..

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

बहुत खूब, बधाई