27.5.11

आज का विचार : अपनी संकल्प शक्ति में वृद्धि करें और बाधाओं पर विजय प्राप्त करें ...

अपनी संकल्प शक्ति की वृद्धि करो . इसी का नाम प्रार्थना है . प्रार्थना में ऐसी शक्ति है, जिसके द्वारा जीवन की सारी बाधाओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है .

लोकमान्य तिलक

000000

15 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बिल्कुल सही कहा!

दीपक बाबा ने कहा…

ऐसे विचार जीवन में कुछ कर गुजरने को प्रेरित करते है...

वन्दना ने कहा…

्बिल्कुल सही बात।

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (28.05.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

राज भाटिय़ा ने कहा…

अति सुंदर विचार जी. धन्यवाद

Kajal Kumar ने कहा…

नितांत सद्विचार.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

तिलक जी ने सही कहा ।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बस वही ऊर्जा का स्रोत है।

Vivek Jain ने कहा…

बहुत सुंदर विचार
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत सुंदर...प्रेरणादायी विचार

Patali-The-Village ने कहा…

बिल्कुल सही कहा|धन्यवाद|

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

सत्य वचन ......

बहुत प्रेरणा मिलती है ऐसे सदविचारों से .......प्रस्तुति के लिए धन्यवाद

मदन शर्मा ने कहा…

बहुत सुंदर पंक्तियाँ...बहुत खुबसुरत प्रेम भाव..शानदार!
मेरी हार्दिक शुभ कामनाएं आपके साथ हैं !!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बिल्कुल सही ....

Markand Dave ने कहा…

प्रिय श्रीमहेन्द्रसाहब,

अत्यंत सुंदर पंक्तियाँ।

सही मायने में प्रार्थना यही है।

मार्कण्ड दवे।
http://mktvfilms.blogspot.com