28.10.10

ओह उब गये हैं ... मन अब राम राम करने को चाहता हैं

ओह उब गये हैं ... मन अब राम राम करने को चाहता हैं ....

जय राम जी की ...


विशेष सूचना : खास जनों को खास खबर : - बड्डे आए और निकल लिए ...

26 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

जय जय राम जी

P.N. Subramanian ने कहा…

जय श्री राम.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

जै राम जी की...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

देर आयद!
दुरुस्त आयद!

विजय तिवारी " किसलय " ने कहा…

"ओह उब गये हैं ... मन अब राम राम करने को चाहता हैं ....
जय राम जी की .
विशेष सूचना : खास जनों को खास खबर : - बड्डे आए और निकल लिए
बड़े भैया "
कौन ऊब गए हैं ?
खुल कर तो बताओ >>>
कहीं आप तो नहीं ऊबे ब्लाग से !!!!!!!!!!!!!!!! ?
- विजय

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अभी से ऊब क्युं? और बड्डे कब निकल लिये?

रामराम.

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

जै राम जी की
संकेत में काफ़ी मार्के वाली फ़ोटू लगा दई गुरु
जे बड्डे का फ़ोटो हैं का ?

ललित शर्मा ने कहा…

जय राम जी की:)

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

तीर निशाने पे ही लगा दिया
तभी तो इन्डिया ने निशाने बाज़ी में खूब पदक जीते

मनोज कुमार ने कहा…

परमात्‍मा को पाने के बाद और कुछ पाने की आवश्‍यकता नहीं रह जाती। बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
विचार-नाकमयाबी

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने कहा…

ले लीजिए एक बहुत छोटा सा ब्रेक
फिर मिलते हैं ब्रेक के बाद

तब तक जय राम जी की।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

राम राम।

राज भाटिय़ा ने कहा…

सीता राम, राधे श्याम जी

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

यह ऊब क्यों ? जाने वाली राम राम नहीं आने वाली राम राम

सतीश सक्सेना ने कहा…

भागना नहीं पंडित जी ...बाकी सब ठीक है ! राम राम !

:-)

उस्ताद जी (असली पटियाला वाले) ने कहा…

22.5/30

डटे रहिये।

Udan Tashtari ने कहा…

बड्डे आए और निकल लिए ...बड्डे साफा कब से बांधने लगे?? हा हा!...सुना तो निकल गये और गिरीश जी भी मौके पर न मिले...:)

Udan Tashtari ने कहा…

@ सतीश भाई

पंडित जी न भागेंगे, हम हैं न उनके साथ. वो क्यूँ भागें..जिनको भागना हो..वो भागे. :)

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत दुखी हूँ की बड्डे बिन बतयाये भाग लिए ... इस दुःख की पूर्ती के लिए पांच दिनों के ब्लॉग उपवास पर हूँ ....

DEEPAK BABA ने कहा…

अरे मिश्र जी, ये का नहीं परम्परा शुरू करने जा रहे हैं ...... ब्लॉग उपवास की.

और भी गम हैं जमाने मैं

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

कहीं भी जाऍं, पर पोस्‍ट के द्वारा अपने हाल चाल बताऍं।
---------
सुनामी: प्रलय का दूसरा नाम।
चमत्‍कार दिखाऍं, एक लाख का इनाम पाऍं।

SANJEEV RANA ने कहा…

bahut badhiya

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

जाकिर जी,
आपके विचारों से शत प्रतिशत सहमत हूँ ...

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

भैया
पोस्ट की प्रतीक्षा है
ताज़ा पोस्ट विरहणी का प्रेम गीत

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

misir bhaiyaa 5 din poore ho gye n ab to likho
_________________________________
एक नज़र : ताज़ा-पोस्ट पर
पंकज जी को सुरीली शुभ कामनाएं : अर्चना जी के सहयोग से
पा.ना. सुब्रमणियन के मल्हार पर प्रकृति प्रेम की झलक
______________________________

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

मुन्नी पूछ रई है बार बार
_________________________________
एक नज़र : ताज़ा-पोस्ट पर
पंकज जी को सुरीली शुभ कामनाएं : अर्चना जी के सहयोग से
पा.ना. सुब्रमणियन के मल्हार पर प्रकृति प्रेम की झलक
______________________________