28.8.10

पुराने पन्नें - तेरी यादों के झरोखों से ...

ये जिंदगी तेरी याद में गुजरती रही किसी तरह तन्हा कटती रही
तेरी जुदाई में थम गया वक्त जैसे मेरी सारी हसरतें सिसकती रही.
दुनिया से दूर आशियाँ बनाया है........ जहाँ सिर्फ मै और तेरी यादें हैं
तू आये न आये मलाल नहीं हैं वहां मेरी उम्मीदों का दीपक रोशन हैं
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8 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा-للت شرما ने कहा…

पुरानी यादों का पिटारा खोल दिया मिसिर जी
बहुत बहुत शुभकामनाएं।

PADMSINGH ने कहा…

तू आये न आये मलाल नहीं हैं वहां मेरी उम्मीदों का दीपक रोशन ..

सुन्दर अभिव्यक्ति ...

http://padmsingh.wordpress.com/

वन्दना ने कहा…

sundar abhivyakti.

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

Badhiya bhaav liye hai, Mahendra ji

kshama ने कहा…

Ummeedon kaa deepak sada raushan rahe!

Shah Nawaz ने कहा…

बेहतरीन अभिव्यक्ति...... बहुत खूब!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

कहाँ छिपा है यह दर्द।

अजय कुमार ने कहा…

भाई साहब VRS लेने के बाद की बचैनी है ,कोई आफिस में थी तो नहीं ,हा हा हा
अच्छी अभिव्यक्ति