29.6.10

प्राइम टाइम : जरा हंस ले जरा मुस्कुरा लें....

एक दिलचस्प सर्वे में यह खुलासा किया गया की पुरुषों के बारे में स्त्रियाँ के ख्याल अच्छे नहीं होते है ... सर्वे में स्त्रियों की राय कुछ इस तरह की थी . पुरुष" " जैसे चाकलेट बार, शुरू में मधुर, मसालेदार, बाद में बोर, जैसे विज्ञापन, जिसके एक शब्द पर भी नहीं किया जा सकता है यकीन, जैसे - सरकारी बचत योजना, जो देर में... बहुत देर में होती है मेच्योर, जैसे पॉपकार्न - थोड़ी देर का संतोष और खर्च बहुत ज्यादा .
.....

पत्नी पति से - अगर मै मर जाऊं तो तुम क्या करोगे ?
पति - शायद मै मर जाऊँगा .
पत्नी - क्यों ?
पति - कभी कभी ज्यादा ख़ुशी जानलेवा होती है .
.....

छोटू - बड्डे तुम कहाँ गए थे और तुम्हारे हाथ क्यों काले है ?
बड्डे - यार अपनी पत्नी को छोड़ने को मै स्टेशन गया था और पत्नी को डिब्बे में बैठाकर रेल के इंजन को थपथपी देकर शाबासी दी की बेटा जल्दी ले जा उसी के कारण मेरा हाथ काला हो गया था .
.....

एक शराबी दूसरे शराबी से - यार तूने शराब कैसे छोड़ी ?
दूसरा - एक दिन मै खूब पीकर अपने घर गया इतने में मेरी पत्नी आ गई और मुझे एक की जगह चार चार पत्नियाँ दिखने लगी तो मैंने उस दिन से ही शराब से तलाक ले लिया .
......

और चलते चलते चंद पंक्तियाँ - जो एक ट्रक के पछीते लिखी थी ...

अपने हाथों में सितारों को समेटो
बहुत दूर तक रात ही रात होगी
मुसाफिर हम हैं तुम भी मुसाफिर हो
फिर से कहीं न कहीं मुलाकात होगी
...

21 टिप्‍पणियां:

M VERMA ने कहा…

सारे के सारे मजेदार

अजय कुमार ने कहा…

ठहाकेदार पोस्ट

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत मजेदार!!



ट्रक वाली पंक्तियाँ बशीर बद्र साहब की हैं:

चिरागों को आंखों में महफूज़ रखना
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी

मुसाफिर हो तुम भी, मुसाफिर हैं हम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी


:)

डॉ टी एस दराल ने कहा…

कभी कभी ज्यादा ख़ुशी जानलेवा होती है .

हा हा हा ! बहुत मजेदार ।

'उदय' ने कहा…

... रोचक चुट्कुले!!!

मै नीर भरी ने कहा…

waaah waah klhoob hansaaya aapne ... ..subah subah hansane ko mil jaaye toh poora din khushnuma ho jaata hai ... aur chalate chalte bhi achchhi kahi aapne .. badhayi

शिवम् मिश्रा ने कहा…

क्या कहने आपके मिश्र जी !

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

मजेदार ।

kshama ने कहा…

Trucks ke peechhe kayi baar bada sanjeeda to kayi dafa mazedaar likha hota hai..ek truck ke peechhe likha hua tha:" Buri nazarwale tere bachhe jiyen,aur bade hoke tera khoon piyen!"

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

:) :) ....फिर भी पत्नि बिना भी चैन नहीं आता ...

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

आदरणीय संगीता जी,

सादर अभिवादन
आपके विचारों से पूर्ण सहमति ....

हमारीवाणी.कॉम ने कहा…

बहुत बढ़िया!



क्या आपने हिंदी ब्लॉग संकलन के नए अवतार हमारीवाणी पर अपना ब्लॉग पंजीकृत किया?



हिंदी ब्लॉग लिखने वाले लेखकों के लिए हमारीवाणी नाम से एकदम नया और अद्भुत ब्लॉग संकलक बनकर तैयार है।

अधिक पढने के लिए चटका लगाएँ:

http://hamarivani.blogspot.com

वन्दना ने कहा…

हा हा हा …………॥बहुत खूब्।

राज भाटिय़ा ने कहा…

मजेदार जी, सभी एक से बढ कर एक

AlbelaKhatri.com ने कहा…

maza aaya........

badhaai !

S.M.HABIB ने कहा…

ट्रक के पीछे एकदम अलग दुनिया होती है, जो अनायास हंसा भी डालती हैं... जैसे:
"बीबी रखो टिप टाप, दो के बाद फुलस्टॉप" एकदम रिफ्रेशिंग पोस्ट भैया ..... धन्यवाद.

दीपक 'मशाल' ने कहा…

चुटकुले और ट्रकिया शेर सब पसंद आये..

ajit gupta ने कहा…

हम ऐसे ही एकदूसरे के लिए दिल्‍लगी करते रहेंगे और जीवन को सरस करते जाएंगे।

Jayant Chaudhary ने कहा…

अति सुन्दर... आनंद आ गया..

जयंत

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने कहा…

राम-राम, पत्नी के बारे में ऐसे ख़याल? शाम को आपका हाल-चाल पूछना पड़ेगा :)

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

गज़ब किये महराज़