18.3.10

चिट्ठी चर्चा : पूरी रात कुत्ता मुहँ चाटता रहा... आलस्य की भी हद है ...ओ अफसर के शाही कुत्ते... लाइट ले यार...

आज गुरूवार को मै महेंद्र मिश्र आप सभी का सादर अभिवादन कर आपके समक्ष ब्लॉग पोस्टो की चिट्ठी चर्चा लेकर उपस्थित हूँ . आज मैंने कुछ ब्लागार भाई बहिनों की पोस्टे पढी जिनका जिक्र इस चिट्ठी चर्चा में करने का प्रयास किया है . चिटठी चर्चा के पहले चंद शब्द आपकी नजर प्रस्तुत कर रहा हूँ ...

जो तू चाहे वो तेरा हो
रोशन राते और ख़ूबसूरत सबेरा हो.
जारी रहे हमारी दोस्ती का सिलसिला यूं ही
हर कामयाबी की मंजिल पर मेरा दोस्त हो .

यहाँ भाई हरि शर्मा जी फरमा रहे हैं..नगरी-नगरी द्वारे-द्वारे में आओ ना मितवा अभी मन है प्यासा. सर्किट बहुत दिन से गायब है और मुन्ना भाई उसको ढुंढते हुए ललित शर्मा के घर पहुंच गए कहने लगे सर्किट कहीं दिखे तो बताना और आज की चर्चा आप कर दिजिए तो ललित जी ने चर्चा .... गैस पेपर -- शब्दचित्र -- धीमा जहर -- ये कैसा डर ... इस तरह से की है . राजा श्री राम चन्द्र जी और उनके पांच हजार सैनिक ...मा पलायनम में मनोज मिश्र जी ने अयोध्या प्रवास के दौरान जो देखा बता रहे हैं . धान के देश में टॉप ब्लोगर रहस्य जी.के.अवधिया जी बता रहे हैं . यशवंत मेहता जी एक मजेदार रोचक कहानी पूरी रात कुत्ता मेरा मुहँ चाटता रहा, आलस्य की भी हद हैं. सतीश सक्सेना जी की रचना ओ अफसर के शाही कुत्ते ! लाइट ले यार... कुछ दिनों से घुटन से बेशर्म डाकुओं के बीच काम करना असहनीय होता जा रहा है. अफ़सोस तब होता है जब मामूली चोर अमीर बनकर हम जैसे फकीरों को चोर समझने लगते हैं, ऐसे में प्रतिकार करना आवश्यक हो जाता है .

बहुत दिन हो गये हैं ना अन्ताक्षरी खेले हुये, तो आईये फिर से खेलते हैं. आप क्यो नही आते अन्ताक्षरी खेलने, आओ फ़िर देखे केसे आप बचपन मै लोट जाते है. आप भी खेलिए जी...अन्तर सोहिल जी खिलवा रहे हैं अन्ताक्षरी मुझे शिकायत है में. ममता टी.वी.में ममता जी की अभिव्यक्ति क्या महिला आरक्षण के नाम पर मुलायम सिह जी डर गए हैं फिर ये कैसा डर है मुलायम सिंह को ?. यहाँ शीर्षक में सेक्‍स लिखने का साहस चवन्नी छाप किया है . रहने को घर नहीं खाने को दाना नहीं और आज भी इस विकासशील देश में लोग खुले में शौच जाने मजबूर हैं और आज भी सर पर मैला ढोया जाता है क्या यही इस देश की विकास की इबादत है . कुमार राधारमण की कलम से इधर खुले मे शौच और उधर मंगल पर बसने की तमन्ना है . नन्हा मन में सीमा सचदेव जी से मां दुर्गा के नौ रूप जानिए . गुनगुनाती धूप.. में वो इश्क़ जो हमसे रूठ गया अल्पना वर्मा शायर 'अतर नफीस' की लिखी ग़ज़ल प्रस्तुत कर रही हैं .

भक्त से श्रापित चंडिका देव की पीठ की होती है पूजा भाई राजकुमार ग्वालानी जी की सामायिक प्रस्तुति . कहते हैं शब्दचित्र कलाकृति हैं, हृदय में उठते भावों के रंग से कलम की कूचि से कागज पर चित्रित. कवि, शब्दों को चुनता है, सजाता है, संवारता है और उन्हें एक अनुशासन देता है कि शब्द अपने वही मायने संप्रषित करें जिनकी उनसे अपेक्षा है . उड़नतश्तरी में भाई समीर लाल जी की विचार अभिव्यक्ति पढ़िए . उद्धव जी को गोपियों द्वारा सगुन ब्रह्म की व्याख्या और ज्ञान से श्रेत्र प्रेम की प्रामाणिकता भाई वीरेंदर रावल जी बता रहे हैं . अपने मोबाइल को पीसी के वेब-कैम की तरह कैसे यूज करें ... राहुल प्रताप सिंह राठौड़ जता रहे हैं . विधि विशेषज्ञ दिनेशराय द्विवेदी जी ने शून्य विवाह और हिन्दू विवाह अधिनियम से शासित व्यक्ति के बारे में जानकारी तीसरा खंबे पर दी है . काव्य मंजूषा में अदा जी की रचना प्रस्तुति... इतना तन्हाँ है कितना तन्हाँ होगा . पता नही आजकल रिश्ते इतने नाजुक क्यों होगये हैं ? और आभासी रिश्ते तो वाकई पल पल इधर उधर बिखरते नजर आते हैं. कभी कभी तो इस पत्थर की फ़र्श पर लिखे शब्दों की तरह नजर आने लगते हैं.

अक्सर सोचता हूं कि क्या यही रिश्ते हैं? “रिश्ते” ताऊ डॉट इन में ताऊ रामपुरिया की रचना . दम ले ले घड़ी भर, ये आराम पाएगा कहां... खुशदीप सहगल जी... देशनामा में . अनिल पुसदकर जी के संस्मरण अमीर धरती गरीब लोग में सीज़न परीक्षा का, गैस पेपर और खूबसूरत यादें !


अंत में -

माला


ये नोटों की नहीं फूलो की माला है ...

इतनी चर्चा कर मै आज की गुरुवारीय चर्चा को यही विराम देने की इजाजत चाहता हूँ .


महेन्द्र मिश्र.

23 टिप्पणियाँ:

  1. बहुत अच्‍छी चर्चा .. अच्‍छे अच्‍छे लिंक्स मिले !!
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  2. बहुत सुंदर चर्चा!!!! अच्‍छे लिंक्स मिले!!!
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  3. आज की मस्ती पसंद आयी मिश्र जी !! शुभकामनायें !
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  4. मिसिर जी,बहुत बढिया चर्चा, पसंद आई-आभार
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  5. मस्त महाराज्।एकदम छक्कास रही चर्चा।
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  6. बेहतरीन चर्चा मिश्रा जी...हम समझे आप भी नोटों की माला के चक्कर में आ गये. :)
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  7. बढ़िया चर्चा।
    घुघूती बासूती
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  8. मुझे तो नोट नज़र आये माला काहे की है
    स्वास्थ्य चर्चा का आभार
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  9. बहुत ही सुन्दर और लाजवाब चर्चा रहा! उम्दा प्रस्तुती!
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  10. बहुत सुंदर चर्चा!!!! अच्‍छे लिंक्स मिले!!!
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आपका ब्लॉग समयचक्र में हार्दिक स्वागत है आपकी अभिव्यक्ति से मेरा मनोबल बढ़ता है .