27.12.09

पहले किसी का सम्मान करना सीखो फिर खुद सम्मान पाने की आस करो ?

आज समय पर आपके समक्ष कम्प्यूटर का स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिट्ठी चर्चा प्रस्तुत नहीं कर सका हूँ जिसके लिए मुझे अत्यधिक खेद है . कल शाम को अचानक कम्प्यूटर का स्वास्थ्य खराब हो गया था . तरह तरह के वायरस के अटैक हुए थे . आज बंद कम्प्यूटर को देख कर ऐसा लग रहा था की मानो वो मुझसे कह रहा हो की और ""पेलो और ठेलो"" मुझे .... जब तक तुम मुझे अच्छे से डील न करोगे ... मेरा सम्मान नहीं करोगे तब तक मुझसे ठीक से चलने की आशा न करना अर्थात तुम मुझसे सम्मान पाने की आशा भी न करना . और मुझे बुजुर्गो की यही बात भी जम गई की " पहले किसी का सम्मान करना सीखो फिर खुद सम्मान की आशा करना " . आज से मै कम्प्यूटर का सम्मान करूँगा तब कम्प्यूटर ठीक से चलेगा और मुझे सम्मान देगा . आज की चर्चा कल करने की कोशिश करूँगा .

महेंद्र मिश्र
जबलपुर.

19 टिप्‍पणियां:

परमजीत बाली ने कहा…

सही बात कही आपने।धन्यवाद।

ललित शर्मा ने कहा…

सही कहा मिसिर जी

Udan Tashtari ने कहा…

सेम टू सेम बीमारी...वायरेस से तो बड़ी परेशानी है भाई...शुभकामनाएँ ही दे सकता हूँ.

kase kahun?by kavita. ने कहा…

thode se shabdo me bahut badi baat kah dee aapane.saadhuvad.

Kulwant Happy ने कहा…

आगे का सफर मंगलमयी हो..कामना है, लेकिन आगे से खुश रखना मिश्रा जी..नहीं तो समयचक्र भी दुविधा में आ जाएगा।

एनडी तिवारी के नाम खुला पत्र

खुद के लिए कबर खोदने से कम न होगा

माँ

ज्ञानदत्त पाण्डेय G.D. Pandey ने कहा…

कम्प्यूटर का सम्मान होना ही चाहिये। सही कहा।

रश्मि प्रभा... ने कहा…

baat bilkul sahi hai......insaan ho ya saman,samman sabke liye zaruri hai

संगीता पुरी ने कहा…

सहमत हूं आपसे !!

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

बिलकुल सही बात है।

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा…

वायरस से बचाने के लिए जरूरी है समय-समय पर कंप्यूटर का
जिम्मेदारीपूर्ण सम्मान ...
............ जाने कितने मानवों का सम्मान इसमें निहित है ( प्रकारांतर से ) !

राज भाटिय़ा ने कहा…

चलिये पहले इसे गंगा जल से नहलायए, फ़िर पुजा कर के इस पर नारियल फ़ोडे, कही इस को स्वाईन फ़लू तो नही हो गया, यह जरुर चेक करवा लै

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' ने कहा…

Guru dev ati saty vachan

M VERMA ने कहा…

आपके कम्प्यूटर के स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना

Suman ने कहा…

nice

सुलभ सतरंगी ने कहा…

सभी सम्मान के हकदार हैं. सबके लिए सम्मान पहले.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

सही कहा आपने. नये साल की रामराम.

रामराम.

aarkay ने कहा…

आपने बिलकुल सही फ़रमाया. यंत्र तो यंत्र , मानव संबंधों पर भी यही बात खरी उतरती है . उन्हें भी विद केयर हेंडल करने की आवश्यकता रहती है .

सतीश सक्सेना ने कहा…

अमर शब्द हैं आपके ! शुभकामनायें !

अजय कुमार ने कहा…

स्पष्ट है कि सीख किसी से भी मिल सकती है , स्वीकारने की बात है