26.11.09

चिट्ठी चर्चा - पुरूष तो वही देखेगा जो दिखाया जायेगा

रविवार बीत गया और आ गया गुरूवार, गुरूवात की शुरूवात के साथ ही आ जाता है चिट्ठी चर्चा का यह अंक, आज के अंक मे शामिल है पिछले कुछ दिनो की कुछ बेहतरीन पोस्‍टे जो आपने पढ़ी होगी ओर यदि नही पढ़ी होगी तो आप पढ़ लेगे।

सुरेश जी ने ब्‍लागरो से पूछा कि मोमबत्तियाँ खरीद लीं कि नहीं? “स्यापा सेलिब्रेशन महोत्सव” शुरु हो चुका है… । धान के देश में जवाबी हमले में अवधिया जी देश द्रोहियो को टिप्‍पणी का जवाब पोस्‍ट से दे रहे है। हद तो तब हो गई जब जब विनीत कुमार ने पाबला जी को पहचानने से इंकार कर दिया। अरे यार जब खुले आम इतने मोटे तगड़े पाबला जी को पहचाने से इंकार कर दोगे तो खराब तो लगगा ही।

हमारे यहाँ कहावतो में कहा जाता है कि ऊपर वाले के यहाँ देर है अंधेर नही पर जब ऊपर वाला “खुदा” है तो देर से अंधेर भली उधर ही जबलपुर बिग्रेड के बिग्रेडियर ने चर्चित चर्चा के अलावा प्रभावी हो रही इन चर्चाओं को देखने का फर्मान जारी किया है। संतरंगी जी महफूज़ के नाम एक पत्र लिखा था पर ब्‍लागर भी सारी चीजे पोस्‍ट कर देते है, पर्शनल नाम का कोई चीज ही नही जाते। घुघती मौसी जी ने श्लील और अश्लील शीर्षक से बेहतरीन कविता दी तो दीपक 'मशाल' भी काव्‍य रस का प्रवाह कर रही थी। कुवारो के रहनुमा मैं हूं "ब्रदर इंडिया"...खुशदीप

इसी बीच युवा दूवे जी भी भारतीय संस्कृति से लुप्त होती-- सिर से आँचल व पैरों से पायल से दुखी दिखे। कितनी अजीब बिडम्‍बना है कि महिला उतारने को तैयार है और पुरुष पहनाने को। ऐसी सोच हर भारतीय की हो तो कितना अच्छा हो, सही बात है कभी कोई पुरुष नारी को इस प्रकार नहीं कहेगा की ऐसा कपडा पहनो, नारी तो जैसा वस्त्र पहेंगी वैसे में ही अच्छी लगेगी

अनिल जी को आज बहुत दर्द हुआ हे भगवान,अगले जनम मे तू मुझे सींधी या सरदार ही बनाना!अबे मुसलमान भी जोड ना,उसको क्यों छोड़ रहा है! । भगवान का दिया सब कुछ है किन्‍तु अल्‍पसंख्‍यक नही है। सुरेश जी की महाभारत वाली पोस्‍ट की दूसरी किस्‍त "दया" के महासागर और "मानवता" के मसीहा - एम. करुणानिधि (भाग-2) … Karunanidhi, Secularism, Human Rights, Terrorism (2) भी आ गई।

राजतंत्र पर जाने से पता चला कि हिन्दु बेटे के अंतिम दीदार के लिए कब्रिस्तान में खोला गया मुस्लिम मां का चेहरा और वंदेमातरम् से मुसलमानों को परहेज नहीं वही प्रशांत भाई के लिये भगवान का होना ना होना मेरे लिये मायने नहीं रखता है(एक आत्मस्वीकारोक्ति) हलचल पर अरहर की दाल और नीलगाय की दुशमनी का जिक्र कर रहे है ज्ञान जी।

समीर जी अब कह रहे है कि कोई मेरी मजबूरी भी तो समझो!! ये तो उनको पीने से पहले सोचना था, पी ही रहे थे तो अकेले मे पीते पर ब्‍लागर मन सब कुछ शेयर करने को कहता है। और आत्‍मसंतोष के लिये लिख रहे है कि मायूस होना अच्छा लगता है क्या? महफूज भाई द्वारा शुरू की गई पिता कथा अभी भी जारी है बेटा गनिमत समझो हम लोग हैं,वर्ना यंहा पर हम नही तुम बैठे होते गरम पंचर बनाते हुये! जब लाल हो और बवाल न हो ऐसा हो नही नही सकता तो मिले मुहम्मद रॉबर्ट सिंह दुबे से।

संगीता जी राष्‍ट्र प्रेम से भरी हुई है और ऐसे 42 या उससे भी अधिक राष्‍ट्रीय प्रतीक हो सकते हैं ... जिनपर हम गर्व कर सकते है !! प्रवीण भाई विश्व का सबसे नन्हा ब्लॉगर से परिचय करा रहे है। तनेजा जी अजय झा और बी.एस.पाबला में पिछले जन्म का कोई रिश्ता खोज रहे है। आप चाय तो रोज ही पीते होंगे पर क्या आप जानते हैं कि चाय के पेड़ की उम्र कितनी होती है?

क्वचिदन्यतोअपि..........! पर एक शाम गिरिजेश ने की मेरे नाम! तो भाटिया ने सबको अन्ताक्षरी गीतो भरी खेलने का निर्देश दिया। ब्‍लॉगिंग पर राष्‍ट्रीय कानून बनाए सरकार की मांग हो रही है क्‍यो न पोटा खाली पड़ा हुआ है ब्‍लागरो पर लाद दिया जाये। संजय भाई हर मर्ज की एक दवा है, काहे न आजमाने की सलाह दे रहे है।


अभी अभी -

    और इसी के साथ महाशक्ति का भी अगले गुरूवार तक के लिये नमस्‍कार रविवार को आपके साथ होगे श्री महेन्‍द्र मिश्र जी।

    28 टिप्‍पणियां:

    पी.सी.गोदियाल ने कहा…

    विस्तृत और सुन्दर चर्चा !

    अजय कुमार ने कहा…

    अच्छी चर्चा , पसंद आयी

    शरद कोकास ने कहा…

    बहुतई कठिन काम है भाई यह चिठ्ठा चर्चा और इसका निर्वाह आप बखूबी कर रहे हैं ।

    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

    गुरूआत की शुरूआत अच्छी लगी!
    बढ़िया चर्चा रही!

    ताऊ रामपुरिया ने कहा…

    बहुत सुंदर चर्चा. शुभकामनाएं.

    रामराम.

    ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

    बढिया चर्चा, चलाते रहिए, सभी पढ रहे हैं।

    Nirmla Kapila ने कहा…

    ीअच्छी लागी आपकी चर्चा शुभकामनायें

    रचना ने कहा…
    इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
    रश्मि प्रभा... ने कहा…

    सबसे पहले मैं अपनी ख़ुशी प्रदर्शित करुँगी........आपने जो भी चर्चा की, उसमें निर्भीकता है,अपने विचारों की अडिगता है.......कोई अन्य प्रभाव नहीं

    महाशक्ति ने कहा…

    इस मंच पर मई किसी को आहात नहीं करना चाहता था, सामान्य चर्चा की भांत आपकी चर्चा हुई, आपको बुरा लगा क्षमा चाहूँगा. चिट्ठी चर्चा के स्वामी के फ़ोन पर निर्देश पर आपकी लिंक हटा रहा हूँ.

    राजकुमार ग्वालानी ने कहा…

    गजब की है चर्चा
    छूटा नहीं कोई पर्चा

    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

    सुंदर चर्चा, बधाई!

    जी.के. अवधिया ने कहा…

    बहुत मेहनत से चर्चा करते हैं आप मिश्र जी!

    Gagan Sharma, Kuchh Alag sa ने कहा…

    महेन्द्र जी, मेहनत साफ दिखाई देती है।

    समयचक्र ने कहा…

    भाई प्रमेन्द्र जी
    बहुत बढ़िया चर्चा आपने की है .....आभारी हूँ .

    'अदा' ने कहा…

    bahut sundar charcha ki hai aapne Mishr ji..
    haardik badhai..

    ज्ञानदत्त G.D. Pandey ने कहा…

    काश हम भी कोई पोस्ट ठेले होते!

    हिमांशु । Himanshu ने कहा…

    चर्चा सुन्दर है । मेहनत दिख रही है । आभार ।

    बवाल ने कहा…

    क्या बात है पण्डितजी ! इस बहुत ख़ूब चर्चा और मेहनत के लिए आपको हमारा सलाम।

    मनोज कुमार ने कहा…

    सार्थक शब्दों के साथ अच्छी चर्चा, अभिनंदन।

    cmpershad ने कहा…

    वाह!

    विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

    बेहतरीन चर्चा...बहुत ही बढ़िया प्रस्तुति..धन्यवाद

    श्रीश पाठक 'प्रखर' ने कहा…

    nice bhai...nice

    Hitesh Janki ने कहा…

    भिलाइई वाले सरदार जी बडे ही ठसियल है। मुफ्त की रोटी खाने के शौकिन। आप ने आओ कहा तो पूरे परिवार समेत आ जायेंगे और खाओ कहा तो बस पूछो ही मत। विनीत कुमार ने अच्छा ही किया। दूसरे ब्लागर भी इन चिपकू से बचे। पता नही कितने का चूना लगाया हो मुफ्त मे मिलने वाले ब्लाग ज्ञान के लिये इन्होने दिल्ली के ब्लागरो को।

    बाकी चिठ्ठा चर्चा बढिया रही। हमेशा की तरह। जबल्पुर की ठ्ंड और लैया याद आ रही है।

    राज भाटिय़ा ने कहा…

    बहुत सुंदर ओर अच्छी लगी आप की यह गुरुवार की चर्चा.
    धन्यवाद

    Udan Tashtari ने कहा…

    बहुत सटीक और सार्थक चर्चा पंडित जी...बस, करते रहिये बिना विराम/// लोगों को जोडिये ताकि क्रमबद्धता बनी रहे!!

    Babli ने कहा…

    बहुत ही सुंदर और विस्तारित रूप से चर्चा प्रस्तुत किया है आपने! बधाई!

    दिगम्बर नासवा ने कहा…

    बढिया चर्चा ..... सुंदर और VISTRAT .....