28.10.09

हँसगुल्ले हँसने के लिए .....

एक वकील ( उनका नाम नहीं लेना चाहूँगा ) अपनी बीबी के साथ सुबह सुबह बगीचे में घूमने निकले . मार्निंग वाक एक सुन्दर नवयुवती उनके सामने से निकली और उसने मनमोहक मुस्कान के साथ वकील साहब को देखा और अभिवादन कर आगे बढ़ गई . पत्नी ने शक की निगाहों से वकील साहब की और देखा और उसने वकील साहब से पूछा - उस लड़की को तुम कैसे जानते हो ?
वकील साहब ने बचाव के अंदाज में कहा - पेशे के सिलसिले में मै एक बार उससे मिला था .
पत्नी ने जिरह करने के अंदाज में वकील साहब से पूछा - अपने पेशे या उसके पेशे के सिलसिले में ?

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एक व्यक्ति बहुत ही आला दर्जे का कंजूस था . उसकी पत्नी उसे एक धार्मिक सभा में ले गई जहाँ दान पुण्य के बारे में जोर शोर से भाषण चल रहे थे . भाषण सुनकर वह आदमी बहुत प्रभावित हुआ . घर लौटने पर वह अपनी पत्नी से बोला - दान पुण्य से बढ़कर जीवन में कोई चीज श्रेष्ट नहीं है इसीलिए मै कल से ही दान पुण्य माँगने का महान काम शुरू कर देता हूँ .

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बॉय फ्रेंड अपनी गर्ल फ्रेंड से - मै तुमसे शादी नहीं कर सकता हूँ . मेरे घर के सारे लोग तुम्हे अपनाने को तैयार नहीं है .
गर्ल फ्रेंड बॉय फ्रेंड से - तुम्हारे घर में कौन कौन लोग है ?
बॉय फ्रेंड अपनी गर्ल फ्रेंड से - एक बीबी और तीन बच्चे .

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मोहल्ले की गली के दो नन्हे बच्चो में परंपरागत तकरार चल रही थी . एक बालक दूसरे बालक से - मेरे पापा तुम्हारे पापा से अच्छे है .
दूसरा बालक - नहीं
पहला बालक दूसरे से - मेरी मम्मी तुम्हारी मम्मी से अच्छी है .
दूसरा बालक पहले बालक से - हाँ ये तो सही है मेरे पापा कहते है तुम्हारी मम्मी बहुत सुन्दर ख़ूबसूरत है .

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एक सह्रदय दुकानदार ने अपने ग्राहकों को चेताने के लिए अपनी दूकान पर यह बोर्ड लगवाया -
" जब आप यहाँ तक आ सकते है तो आप कहीं और बेवकूफ बनने क्यों जाते हैं "

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15 टिप्‍पणियां:

महफूज़ अली ने कहा…

जब आप यहाँ तक आ सकते है तो आप कहीं और बेवकूफ बनने क्यों जाते हैं "

hahahahahahahaa...maza aa gaya........

M VERMA ने कहा…

बहुत ही मजेदार
वाह हा हा हा

Udan Tashtari ने कहा…

हा हा, बहुत मजेदार....जरुरत थी इसकी.

राजीव तनेजा ने कहा…

मज़ेदार

अजय कुमार झा ने कहा…

देखिये महेंद्र भाई एतना लोग हा हा हा किये हैं...हम ही ही ही कर देते हैं....माने ठिठिया रहे हैं...बहुते खूब दुकान वाला सुपर हिट है ..

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत मजेदार.....

ज्ञानदत्त पाण्डेय| Gyandutt Pandey ने कहा…

बिल्कुल, बिल्कुल हम यहीं तक आते हैं!

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

मजेदार...

P.N. Subramanian ने कहा…

हमें तो सभी मजेदार लगे. आभार.

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत मजेदार जी..

योगेश स्वप्न ने कहा…

HA HA HA , BAHUT KHOOB MAST.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

मजेदार हैं सब .......... हंसी की गोल गप्पे .......

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत लाजवाब, बिल्कुल सामयिक ऊठाकर लाये हैं मिश्र जी, धन्यवाद,

रामराम.

रश्मि प्रभा... ने कहा…

mastishk ko ek hasyabhari khuraak mil gayi

cmpershad ने कहा…

रोचक एवं मज़ेदार, भई वाह!:)